तेज बारिश में गरीब का घर ढहा,प्रशासन से रहने के लिए ठिकाना देने की फरियाद






डेस्क आदिवासी स्तम्भ
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धरमजयगढ़।किसी शायर ने क्या ही खूब कहा है “सहमी हुई है झोंपड़ी बारिश के खौफ से और महलों की आरजू है, के बरसात तेज हो” ।दरअसल पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश अब कच्चे मकानों पर आफत बनकर टूटने लगी है.शनिवार से हो रही बारिश आज गुरुवार तक लगातार जारी है.

वही बुधवार रात को हुई तेज मूसलाधार बारिश के कारण धरमजयगढ़ पतरापारा वार्ड क्रमांक 8 में एक मकान सुबह तकरीबन चार बजे उस वक्त भरभराकर गिर गया जब घर के सभी सदस्य गहरी नींद में थे गनीमत यह रही कि जैसे ही मकान गिरने से पहले क्रैक होने की आवाज आई तो घर की महिला जागी और अपने बाल बच्चो को लेकर बाहर निकल गई.

दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार की महिला ने बताया की उनके पास अब रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है.घर के सदस्यों ने स्थानीय प्रशासन से मीडिया के माध्यम से अपील की है की उन्हे रहने के लिए कोई जगह दे.फिलहाल बारिश से हुई इस दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार के लोगो की हालत खराब है।।ऐसे में अब यहां सवाल उठता है की अगर किसी गरीब जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है,ऐसे व्यक्ति का प्राकृतिक आपदा में घर ढह जाता है,तो प्रशासन के पास ऐसे लोगों के रहने के लिए क्या कोई इंतजाम है,या फिर बारिश में जिसका घर गिर जाता वो सड़कों पर रहने को मजबूर हो जाएं।?







