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प्रस्तावित भूमिगत कोल खनन से कृषि, जल स्रोत या वन क्षेत्र पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव : कंपनी , ग्राम सभा के अधिकार एवं पेशा एक्ट के प्रावधान बने रहेंगे अपने मूल स्वरूप में

भास्कर TODAY

धरमजयगढ़ । आगामी 11 नवंबर को प्रस्तावित अडानी पुरुंगा भूमिगत कोल ब्लॉक की जनसुनवाई को लेकर आज जनपद सभागार में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुरुंगा, सामरसिंघा, तेंदुमुड़ी और कोकदार क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सरपंच, सदस्य सहित अडानी कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान ग्रामीणों द्वारा जनसुनवाई निरस्ती की मांग और उठाए गए सवालों पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष स्पष्ट किया।अडानी अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित भूमिगत कोल खनन से कृषि, जल स्रोत या वन क्षेत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जल स्तर कम होने की बातें भ्रांति मात्र हैं। वनोपज संसाधन और जीव-जंतु पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। भूमि अधिग्रहण या विस्थापन की कोई आवश्यकता नहीं होगी।परियोजना से 1200 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि कंपनी क्षेत्रीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है और ग्राम सभा के अधिकार एवं पेशा एक्ट के प्रावधान अपने मूल स्वरूप में बने रहेंगे। गौरतलब है कि ग्राम तेंदुमुड़ी में 18 अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (अडानी पुरुंगा भूमिगत कोयला खदान) के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करते हुए जनसुनवाई निरस्ती की मांग की थी।इसके तहत 22 अक्टूबर को ग्रामीण प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपा था। कंपनी के अनुसार, कुल 869.025 हेक्टेयर भूमि में से मात्र 17 हेक्टेयर क्षेत्र का उपयोग खनन के लिए किया जाएगा।।

Pawel Agrawal

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