हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश कोर्ट से बरी हुए दो लोगों को नोटिस और वारंट जारी केस में पुनः जांच के आदेश… हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशुतोष विश्वास ने की थी अपील दायर







भास्कर TODAY
बिलासपुर । हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में मृतक के पिता मेवाराम साहू की याचिका पर सुनवाई करते हुए केस की पुनः जांच के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता आशुतोष विश्वास द्वारा दायर एक्विट्टल अपील पर हाईकोर्ट ने आरोपीगण को नोटिस और वारंट जारी किया है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आरोपीगण को नोटिस जारी करते हुए उन्हें निर्धारित तिथि पर कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही, कोर्ट ने इस केस की पुनः जांच के आदेश देते हुए जांच एजेंसी को निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

इस मामले में आरोपी रहे मृतक की पत्नी संगीता साहू और उसका दोस्त सुनील कुमार डहरिया दोनों जिला कोर्ट से बरी हो गए थे जिसके बाद हाईकोर्ट एडवोकेट आशुतोष विश्वास ने इस केस की पुनः सुनवाई की लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की उनकी याचिका पर अब इस केस में फिर से जांच के आदेश दिए है।

जानिए क्या था पूरा मामला…
मृतक लोमेंद्र साहू की मां ने थाने में जानकारी दी थी किउसका बेटा लोमेंद्र 13 दिसंबर की रात खाना खाकर सोया था लेकिन अगले दिन सुबह बिस्तर से नहीं उठा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही थी। जांच में मृतक की पत्नी संगीता साहू और उसके दोस्त सुनील कुमार डहरिया को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। संगीता ने अपने पति की शराब पीकर मारपीट करने की आदत से तंग आकर अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। दोनों ने मिलकर लोमेंद्र साहू की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के गले में निशान पाए जाने मामला संदेहास्पद लगा जिसमें इस पर धारा 302 की कायमी करके अलग-अलग एंगल पर जांच शुरू की गई। जांच में संगीता और सुनील के नजदीकी रिश्तों का पता चला। सुनील को पूछताछ के लिए थाने लाया गया और कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपराध कबूल किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले का खुलासा किया था।







