बिना अनुमति के मीना बाजार संचालक दशहरा मैदान में लगा रहा मीना बाजार, एसडीएम धरमजयगढ़ ने किया अनुमति निरस्त







भास्कर TODAY
धरमजयगढ़।हर साल दशहरा मैदान में दुर्गा पूजा के समय मीना बाजार लगाया जाता है, हर साल की भांति इस साल भी दुर्गा पूजा के लिए मीना बाजार संचालक द्वारा दशहरा मैदान में मीना बाजार लगाया जा रहा है, मीना बाजार संचालक द्वारा ट्रकों में समान भर-भर कर मैदान में खाली कर रहे हैं। मजेदार बात है कि मीना बाजार संचालक द्वारा गलत जानकारी देकर एसडीएम धरमजयगढ़ से अनुमति लिया गया था। जिसे वर्तमान एसडीएम प्रवीण कुमार भगत ने निरस्त कर दिया है।

अनुमति निरस्त होने के बाद भी मीना बाजार संचालक द्वारा अपनी मनमर्जी करते हुए मीना बाजार लगाने की तैयारी में जूट गये हैं। जबकि दुर्गा पूजा समिति द्वारा भी मीना बाजार संचालक नरेन्द्र कुमार जाटवर को साफ शब्दों में बताया गया कि पहले आप एसडीएम कार्यालय से अनुमति लेकर आओ उसके बाद गाडिय़ों से सामान खाली करना। लेकिन मीना बाजार संचालक न तो एसडीएम के आदेश का पालन कर रहा है और न ही समिति की। एसडीएम धरमजयगढ़ अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इस कार्यालय का पत्र कमांक 1826/वाचक-1/2025 धरमजयगढ़ दिनांक 10.07.2025 के माध्यम से नरेन्द्र कुमार जाटवर पिता गोपाल प्रसाद जाटवर निवासी पिहरीद तहसील मालखरौदा जिला सक्ती छ.ग. को पूर्व में स्थित दशहरा मैदान में दिनांक 10.08.2025 से 10.10.2025 अनुमति दी गई थी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लि. (छत्तीसगढ़ सरकार का उपक्रम) सीएसईआर की उत्तराधिकारी कंपनी) कार्यालय सहायक अभियंता (सब डीएन), सी एस पीडीसीएल धरमजयगढ़ का पत्र कमांक संख्या/एई/ डीजीएच / विशेष न्यायालय / मामला 135/2241 धरमजयगढ़ दिनांक 20.10.2024 के माध्यम से सुचना प्राप्त हुआ है कि दशहरा मैदान धरमजयगढ़ में पाए गए बिजली चोरी के विरूद्ध धारा 135 के तहत पंचनामा प्रस्तुत कने हेतु जिला विशेष न्यायालय रायगढ धरमजयगढ़ सब डीएन में आपके द्वारा बकाया राशि 9286 रूपये के संबंध में प्रकरण दर्ज है। आपके द्वारा पूर्व वर्षों में मीनाबाजार प्रदर्शनी आयोजित करने की अनुमति शर्तों का उल्लंघन किया गया एवं उक्त जानकारी आपके द्वारा छिपाये जाने के कारण इस कार्यालय का पत्र कमांक 1826/वाचक-1/2025 धरमजयगढ़ दिनांक 10.07.2025 के माध्यम से नरेन्द्र कुमार जाटवर पिता गोपाल प्रसाद जाटवर निवासी पिहरीद तहसील मालखरौदा जिला सक्ती छ.ग. आदेश को निरस्त किया जाता है। अब देखना है कि अनुमति निरस्त होने के बाद भी मीना बाजार संचालक की मनमानी पर स्थानीय प्रशासन क्या कार्यवाही करती है?







