चैत्र नवरात्र मेला की तैयारी को लेकर शासकीय मंदिर समिति अंबेटिकरा का बैठक एसडीएम धनराज मरकाम की अध्यक्षता में संपन्न विभिन्न विभागों को दी गई जवाबदारी







भास्कर TODAY
धरमजयगढ । धरमजयगढ़ आगामी चैत्र नवरात्र पर्व एवं भव्य मेला के आयोजन को लेकर अंबेटिकरा में शासकीय मंदिर समिति की बैठक आयोजित की गई। शासकीय मंदिर समिति के अध्यक्ष एसडीएम धनराज मरकाम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।विदित हो की अंबेटिकरा में प्रति वर्ष चैत्र एवं क्वांर मे नवरात्र पर्व मनाया जाता है।

चैत्र नवरात्र में यंहा भव्य एवं विशाल मेला का आयोजन किया जाता है।मेला में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु दिन में पूजा अर्चना करने आते हैं और रात में मेला का आयोजन किया जाता है। मेंला में प्रति दिन रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है।कई खई खजाना और मनिहारी सामानों के दुकान लगते हैं।मेला में झूला और कई प्रकार के लोक लुभावन दुकान लगाए जाते हैं।

इस वर्ष चौत्र नवरात्र मेला 30 मार्च से प्रारंभ होकर 7 अप्रैल को रामनवमी मेला का आयोजन होगा।मेला में लोकनृत्य नाटक का प्रतियोगिता रखा जाता है।तैयारी के लिए विभिन्न विभागों को कार्य सौंपा गया है।लोक निर्माण विभाग-धरमजयगढ़ खरसिया मार्ग मां भगवती मंदिर प्रवेष द्वार से मां अम्बेटिकरा मंदिर तक सड़क के अगल-बगल मुरूम डालने का कार्य किया जावे और मंदिर परिसर में रंग-रोगन पुताई का कार्य अपने मजदुरो द्वारा कराया जावे। रंग-रोगन की व्यवस्था शासकीय मदिर समिति करेगी।पुलिस विभाग -दिनांक 30.03.2025 से 07.04.2025 को मॉ भगवती की श्रृंगार मन्दिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा कोषालय से निकाली जावेगी तथा 07.03.2025 तक मॉ भगवती को अलंकृत की जावेगी। उक्त अवधि में 1-4 की सुरक्षा गार्ड (2 महिला पुलिस बल सहित) नगर निरीक्षक धरमजयगढ़ तैनात करें। नवरात्रि मेला 7 मार्च की रात्रि भारी जनसमुह की उपस्थिति को देखते हुए आवष्यक बल अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मुहैया करावे। मुख्य सड़क मार्ग से अम्बेटिकरा मंदिर पहॅुच मार्ग के बीच जगह-जगह पर मांस (मीट) काटकर बिक्री किया जाता है। उसे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जावे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी -नवरत्र पर्व अवधि में प्रतिदिन धरमजयगढ़ कालोनी के प्रवेश द्वार से अम्बेटिकरा मन्दिर तक तथा मंदिर परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था नगर पंचायत द्वारा की जावेगी। उक्त कार्य हेतु आवश्यक सफाई कर्मी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जावे। पहॅुच मार्ग एवं मंदिर परिसर में किसी प्रकार की गंदगी न होने पावें इसका विशेष ध्यान दिया जावें। प्रतिदिन दो टैंकर पानी की व्यवस्था करें साथ ही भण्डारे एवं मेला स्थल में आवश्यक हैलोजन बल्ब, एल ई डी बल्ब, स्ट्रीट लाईट एवं सीएफएल लगाकर प्रकाषित करें एवं नगर पंचायत अंतर्गत प्रवेश द्वार की पुताई कार्य मरम्मत करे। नवरात्र के पुर्व दो दिन जेसीबी मंदिर समिति को उपलब्ध कराया जावे । लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग -दर्शनार्थियों को शुद्ध पेयजल पिलाने की व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की होगी। वे प्रतिदिन अपने विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से मंदिर परिसर के चारों ओर कम से कम 4 सिन्टेक्स पानी की व्यवस्था करें। अपने उच्चाधिकारियों से बात कर एक नग बोर खनन मेला परिसर सामुदायिक भवन के पास कराया जावे। मंदिर परिसर एवं आस पास के समस्त हैंडपम्प को दुरूस्त किया जावे।उद्यान विभाग -उद्यान का सौन्दर्यीकरण किया जावे। उद्यान में अनावष्यक छोटी-छोटी पौंधों की कटाई करें, उगाए गये घांस/पौधों की आवश्यक छटाई करें एवं फलदार पौधा का रोपण कराया जावे।स्वास्थ्य विभाग -खण्ड चिकित्सा अधिकारी धरमजयगढ़ दिनांक 30.03.2025 से 07.04.2025 तक प्रतिदिन आवश्यक दवाईंयों सहित चिकित्सा दल मंदिर में तैनात कर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करें साथ में एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जावे। विद्युत विभाग -कनिष्ट अभियंता धरमजयगढ़ मंदिर परिसर एवं आस-पास सतत् विद्युत आपूर्ति बनाए रखने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें उक्त कार्य हेतु कनिष्ट अभियंता छ0ग0 विद्युत वितरण केन्द्र धरमजयगढ़ विद्युत विभाग का एक कर्मचारी को निरंतर तैनात रखें। जनपद पंचायत -मुख्य कार्यपाल अधिकारी जनपद पंचायत धरमजयगढ़ ग्राम पंचायत अमलीटिकरा एवं षाहपुर के सरपंच/सचिवों को अपने-अपने क्षेत्र के अन्तर्गत मंदिर मार्ग के सड़कों का दुरूस्त हेतु लोक निर्माण विभाग को आवष्यक सहयोग करने हेतु निर्देशित करें। साथ ही शाहपुर ग्राम के प्रवेश द्वार में आवश्यक रंग रोगन का कार्य कराया जावे।उप कोषालय विभाग -तहसीलदार, नायब तहसीलदार, समिति के सचिव तथा पुलिस का 1-4 की गार्ड की संयुक्त रूप से दिनांक 30.03.2025 को उप कोषालय से मॉ भगवती का श्रृंगार निकालकर मंदिर परिसर तक पहुंचा कर पुजारी से अलंकृत कराएंगे तथा पर्व समाप्ति उपरान्त पुनः कोषालय में उन्हीं के द्वारा जमा की जावेगी। नवरात्र रामनवमी का अवकाष रहने के कारण उप कोषालय अधिकारी एवं उनके स्टॉफ अगली तिथि में प्रायः अवकाष में रहते हैं। जिससे भगवती का श्रृंगार थाना में रखा जाता है। किसी भी परिस्थिति में श्रृंगार को थाना में न रखा जावे। नवरात्रि पर्व समाप्त होने पष्चात अगली तिथि को उप कोषालय अधिकारी एवं स्टॉफ अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर श्रृंगार जमा करें। वन विभाग -मॉ भगवती के भोग/भण्डारा/प्रसाद/मिष्ठान्न आदि तैयार करने हेतु लगभग 4 ट्रैक्टर जलाउ लकड़ी की आवष्यकता है। उक्त लकड़ी की व्यवस्था अनुविभागीय अधिकारी (वन) धरमजयगढ़ द्वारा समय पर किया जावेगा। वन विभाग द्वारा निर्मित पुरखा वन उद्यान का रख-रखाव सिचाई व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त किया जावे।मंदिर की व्यवस्था -मंदिर में ज्योति कलष निर्माण, भोग प्रसाद, भण्डारा एवं श्रृंगार के व्यवस्था पुजारी के सहयोग से मंदिर समिति द्वारा किया जावें। नवरात्रि के प्रथम दिवस से अंतिम दिवस तक गर्भ गृह में पुजारी के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जावे। नवरात्रि समाप्ति उपरांत पूर्व एवं वर्तमान वर्ष का आय-व्यय की जानकारी एक सप्ताह के भीतर अध्यक्ष के समक्ष पेश किया जावे।वाहन पार्किंग व्यवस्था -पुल से पहले वाहनों को निःशुल्क पार्किंग करने हेतु पुलिस बल तैनात किया जावे जावे तथा पुल से पहले बेरियर लगाकर मंदिर समिति के वाहन, भण्डारा वाहन, दिव्यांग एवं बुजुर्गों का वाहन को ही प्रवेश दिया जावे। पुलिस विभाग आवश्यक सहयोग करेगें।मंदिर के लिए आबंटित शासकीय भूमि -पूर्व में प्रत्येक दो वर्ष में मंदिर के लिए आबंटित शासकीय भूमि की निलामी की जा रही थी। वर्तमान में प्रतिवर्ष कृषि कार्य हेतु भूमि की निलामी की जा रही है। उक्त भूमि में उर्पाजित धान को भूमि का धान विक्रय पंजीयन नहीं होने के कारण धान बेचा नहीं जा सकता । अतः धान विक्रय हेतु समिति के नाम से ही पंजीयन किया जावेगा।जनरेटर, टैन्ट, माईक, झालर एंव फूल सजावट इत्यादि कार्य समिति द्वारा की जावेगी। अन्त में अनुविभागीय अधिकारी (रा0) धरमजयगढ़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापित कर बैठक की कार्यवाही समाप्त की गई।







